वर्ष 2024-25 में झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की 25 हज़ार से ज़्यादा छात्राओं को शिक्षा जारी रखने के लिए सहायता प्रदान की गई।
शिक्षा क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर काम करते हुए हमने अनुभव किया कि जैसे-जैसे विद्यार्थी प्राथमिक से उच्चतर कक्षाओं की तरफ़ बढ़ते जाते हैं, वैसे-वैसे उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उच्च शिक्षा के मामले में असमानता या ग़ैर-बराबरी भी परेशानी बढ़ाने के कारण बन जाते हैं। आर्थिक कठिनाइयों से लेकर घर से शैक्षणिक संस्थाओं की बहुत ज़्यादा दूरी जैसी कई रुकावटों और बंदिशों के चलते कई लड़कियों को अपनी पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है। कई मामलों में सामाजिक रूढ़ियाँ व रिवाज शिक्षा पाने में छात्राओं के सफ़र की कई बड़ी बाधाओं में से एक है।

वर्ष 2024-25 में सरकारी संस्थानों से 10वीं व 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली और सरकारी कॉलेज या विश्वविद्यालय के किसी भी डिग्री या डिप्लोमा में प्रवेश पान वाली प्रथम वर्ष की 25 हज़ार से ज़्यादा छात्राओं को मदद की प्रदान की गई।
अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप के तहत चयनित हर एक छात्रा को डिग्री या डिप्लोमा पूर्ण होने की अवधि (दो, तीन, चार या पाँच वर्षों) तक प्रति वर्ष 30,000 रुपये दिए जाएँगे। यह राशि छात्राओं की ट्युशन फीस या अन्य शैक्षणिक खर्चों को पूरा करने के लिए दी जा रही है।


स्कॉलरशिप पहल सबसे पहले वर्ष 2024-25 में कुछ चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों में शुरु किया था। इन इलाकों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कुछ चुनिंदा ज़िलों (सूची नीचे दी गई है) और झारखंड के रांची ज़िले के इटकी ब्लॉक शामिल थे।


*यह डेटा 28 अप्रैल 2025 के मुताबिक है।
**राँची ज़िले के इटकी ब्लॉक में 10 छात्राओं को स्कॉलरशिप प्रदान की गई।
वर्ष 2024-25 में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के नीचे दिए गए ज़िलों की छात्राओं को स्कॉलरशिप प्रदान की गई:
राजस्थान (22 ज़िले)
अजमेर, अलवर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, दूदू, डूंगरपुर, जयपुर, जयपुर (ग्रामीण), जालौर, झालावाड़, जोधपुर, केकड़ी, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक और उदयपुर
उत्तर प्रदेश (35 ज़िले)
अम्बेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या (पहले का फ़ैज़ाबाद), आज़मगढ़, बहराईच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फ़तेहपुर, ग़ाज़ीपुर, गोंडा, गोरखपुर, जौनपुर, कौशांबी, कुशीनगर, लखनऊ, महराजगंज, मऊ, मिर्ज़ापुर, प्रयागराज (पहले का इलाहाबाद), प्रतापगढ़, रायबरेली, संत कबीर नगर, संत रविदास नगर (पहले का भदोही), श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर और वाराणसी
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