कर्नाटक में हमारा काम 2001 में शुरू हुआ
वर्तमान में हम बागलकोट, बल्लारी, बेंगलुरु, बीदर, चमराजनगर, कलबुर्गी, कोप्पल, मांड्या, रायचूर, रामनगरा, विजयनगर, विजयपुरा, और यादगीर में कार्यरत हैं। हमारा कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य क्षेत्र शामिल हैं।


शिक्षा
हमारा कार्यक्षेत्र प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ई सी ई) से लेकर उच्च शिक्षा तक फैला है जिसमें शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, शिक्षा विभाग के कार्यकारी व अधिकारी, कॉलेज के फैकल्टी और राज्य स्तर के संस्थान जैसे राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एस सी इ आर टी ), समग्र शिक्षा अभियान (एस एस ए) के साथ काम शामिल हैं। इन कामों के अनेक रूप हैं। कर्नाटक में तीन स्थानों, बेंगलुरु, कलबुर्गी और यादगीर में अज़ीम प्रेमजी स्कूल संचालित हैं।

89
टीचर लर्निंग सेंटर, (टी एल सी)
25,700 +
से अधिक आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं के साथ सीधा संपर्क व सहयोग।
56,500 +
से अधिक प्रारम्भिक स्कूल शिक्षकों के साथ सहयोग व कार्य। इन कुल प्रयासों से
15,71,000 +
बच्चों पर परोक्ष प्रभाव
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय को 2010 में स्थापित किया गया था। इसका पहला परिसर बेंगलुरु में है। हम अनेक स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के कार्यक्रमों के साथ ही कार्यरत प्रोफेशनल्स के लिए निरंतर शिक्षा कार्यक्रम भी चलाते हैं।
अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप
2024 में शुरू हुई इस स्कॉलरशिप में वंचित पृष्ठभूमि की लड़कियों अपनी कॉलेज शिक्षा पूरी करने के लिए आर्थिक सहयोग| वर्तमान में कर्नाटक के सभी जिलों में प्रस्तावित |कर्नाटक की 37,000 लड़कियों को वर्ष 2024-25 में स्कॉलरशिप प्रदान की गई।
स्वास्थ्य
हम बेंगलुरु के 5 क्लस्टर्स में समुदायों के साथ स्वास्थ्य सेवा भी कर रहे हैं। इसमें डॉक्टर सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लबोरेट्री और दवा-केंद्र, और सरकारी चिकत्सालयों में रेफरल सहायता शामिल है। हमारा ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम कल्बुर्गी जिले के जेवरगी ब्लॉक में आरंभ हुआ है।
4
बेंगलुरु में स्वास्थ्य केंद्र
25,000
परिवार
91,000
लोगों की सेवा

शिशु देख-भाल केंद्र
शिशु देख-भाल केंद्र (क्रेच) सात महीने से तीन वर्ष की आयु के कमजोर बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं। हम बेंगलुरु में अपने साझेदारों के माध्यम से लगभग 175 बच्चों के लिए छह शिशु देख-भाल केंद्र संचालित करते हैं। हमने कलबुर्गी जिले के जेवरगी ब्लॉक में भी कार्य शुरू किया है।
मध्याह्न भोजन योजना में पोषण को मजबूत करना
हमने कर्नाटक राज्य सरकार की सहायता के लिए तीन वर्षों में 1,500 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई है ताकि सभी 31 जिलों के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा दस तक के छात्रों को अंडे प्रदान किए जा सकें। सरकार दो दिन बच्चों को अंडे उपलब्ध करवाती है, सप्ताह के अन्य चार दिन हमारा कार्यक्रम बच्चों के लिए अंडे उपलब्ध करवाता है।
हमारे अन्य कार्यक्षेत्र
अनुदान
हम कर्नाटक के 194 सहयोगी संस्थानों के साथ काम करते हैं। वे अनेक विषयगत क्षेत्रों में कार्य करते हैं: बच्चों की देखभाल और संरक्षण की ज़रूरत, संवैधानिक मूल्य, विकलांगता, जेंडर-न्याय, शासन-प्रणाली, स्वास्थ्य, भूमि और वन पर निर्भर समुदाय, नागरिक-समाज को मजबूत करना तथा शहरी मुद्दे।
कन्नड़ उपक्रम
कर्नाटक के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के रूप में, हम स्थानीय संस्कृति, इतिहास और बाल साहित्य केन्द्रित अनेक आयोजन करते हैं जिनमें सभी की भागीदारी आमंत्रित होती है। अनुवाद संपदा भंडार हमारा प्रयास है जिससे शैक्षिक संसाधनों को समाज के व्यापक वर्गों के लिए सुलभ बनाया जा सके।
हमारे साथ काम करें
अपने कौशल/ दक्षताओं और अपने उद्देश्य के अनुरूप नए पदों में अपने लिए चयन करें
दस्तावेज़ में दिये सभी आंकड़े अप्रैल 2025 के हैं, ये हर वर्ष परिवर्तित/ परिवर्धित होते हैं ।
