नक्षत्रगळु। भाग 11। सैम्युअल, कुरैशी मोहल्ला स्कूल, सुरपुर, यादगिर । उमाशंकर पिरियोडी

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जब सैम्युअल बतौर हेडमास्टर इस स्कूल में आए थे, तब यहाँ बमुश्किल 2 बच्चे आया करते थे। इस मुकाम से शुरु हुए इस सफ़र को सैम्युअल ने लगभग 100 बच्चों तक ले आए। सैम्युअल की जी-जान लगाकर की गई मेहनत ने कुरैशी मोहल्ला स्कूल को न सिर्फ़ शिक्षा का केंद्रीय स्थान बनाया, बल्कि शिक्षा के ज़रिए बदलाव की आशा की किरण को भी जगा दिया है।

© 2026 अजीम प्रेमजी फाउंडेशन. सर्वाधिकार सुरक्षित।
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