राजस्थान में हमारा काम 2005 में शुरू हुआ
हम अभी बाँसवाड़ा, बालोतरा, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, डूँगरपुर, जालौर, जयपुर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सिरोही और टोंक जिलों में काम कर रहे हैं। हमारे काम में शिक्षा, स्वस्थ्य और अन्य क्षेत्र शामिल हैं।


शिक्षा
शिक्षा में हमारे काम में आरंभिक बाल्यावस्था शिक्षा से लेकर सीनियर सेकेन्डरी तक सभी स्तर शामिल हैं, और शिक्षकों, स्कूल प्रधानाध्यापकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कॉलेज के अध्यापकों, और राज्य स्तर के संस्थान जैसे- राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (आर एस सी ई आर टी) के साथ कार्य करते हैं। हम इनके साथ विभिन्न माध्यमों से जुडते और काम करते हैं। राज्य में तीन अज़ीम प्रेमजी स्कूल बाड़मेर, सिरोही और टोंक में संचालित हैं।

51
टीचर लर्निंग सेंटर संचालित ( टी एल सी)
10,500+
आंगनवाड़ी शिक्षकों के साथ काम
3,500 +
प्रारम्भिक स्कूल शिक्षकों के साथ काम
अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप
इस स्कॉलरशिप की शुरुआत 2024 में वंचित पृष्ठभूमि की लड़कियों को कॉलेज शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी। ये स्कॉलरशिप पहल प्रथम चरण में राजस्थान के 22 जिलों में लागू की गई।इस चरण में कुल 5200 लड़कियों को लाभ मिला। 2025-26 के चरण में इस स्कॉलरशिप में राजस्थान के सभी 41 जिले शामिल हैं।
स्वास्थ्य
हमने अपना कार्य दिसंबर 2024 में बांसवाड़ा जिले के घाटोल ब्लॉक में शुरू किया और अब बांसवाड़ा और बाड़मेर जिलों में काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करके और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक सुनिश्चित कर, क्षेत्र के सबसे असुरक्षित परिवारों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करना है। हमारा फोकस चार क्षेत्रों पर है जो आपस में जुड़े हैं। ये हैं- सुविधाएं और सेवाएँ; ग्रामीण स्वस्थ्य, स्वच्छता, और पोषण दिवस (वी एच एस एन डी); रेफरल सेवाएँ और स्वास्थ्य के प्रति सामुदायिक ज़िम्मेदारी

अन्य क्षेत्र
अनुदान
हम पूरे राजस्थान में 116 सहयोगी संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ये संस्थान लैंगिक न्याय, भूमि और वन अधिकार, संवैधानिक मूल्य, शहरी सुधार पहल, गवर्नेंस, बाल अधिकार, अपंगता, स्वस्थ्य और नागरिक समाज को मजबूत करने का काम कर रहे हैं।
हमारे साथ काम करें
अपने कौशल/ दक्षताओं और अपने उद्देश्य के अनुरूप नए पदों में अपने लिए चयन करें
दस्तावेज़ में दिये सभी आंकड़े अप्रैल 2025 के हैं, ये हर वर्ष बदलते हैं ।
