नक्षत्रगळु के इस सातवे भाग में उमाशंकर पिरियोडी एक शिक्षक की कहानी बता रहा हैं। यह कहानी कर्नाटक के मांड्या ज़िले के पांडवपुरा तहसिल के एक शिक्षक के दृढ़ संकल्प और धैर्य की दास्तान है। इस कहानी से जाने कि किस तरह वेंकटेश डी.एस. का बदलाव के प्रति उत्साह, उनके गाँव की आजीविका और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाता है।