पोषण, ख़ुशियों और विश्‍वास की ज़मीं पर कायम: ‘लइका घर’

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छत्तीसगढ़ में शिशु घर को ‘लइका घर’ कहा जाता है। राज्य के कई इलाकों में शिशु घर कई स्तरों पर बदलाव का ज़रिया बनकर उभर रहा है।

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बच्चे यहाँ प्यार और पोषणयुक्त आहार पाते हैं एवं और मज़ेदार गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं।

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सुपरवाइज़र सीमा प्रजापति

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बोरो गाँव का साय परिवार के बच्चे कुपोषित हैं जिन्हें क्रेच लाना एक बड़ी चुनौती है।

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लइकाघर खुलने से ललिता अब घरेलू काम के साथ साथ मजदूरी व जंगल भी जा पाती हैं।

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© 2026 अजीम प्रेमजी फाउंडेशन. सर्वाधिकार सुरक्षित।
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